तेजस पूनियां
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Dec- 2023 -4 Decemberफिल्म रिव्यू
रिव्यू- जातीय ख़्वाबों की तामीर बुनती ‘यस सर’
Featured In IMDb Critic Reviews दलितों पर हिंदी पट्टी के निर्माताओं, निर्देशकों के अलावा अन्य भाषी निर्देशकों ने भी खूब…
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2 Decemberफिल्म रिव्यू
रिव्यू- ‘एनिमल’ पास, फेल और फर्स्ट
Featured In IMDb Critic Reviews दिसम्बर महीने की शुरुआत में बॉलीवुड में बड़े बजट की दो फ़िल्में आई हैं। ‘सैम…
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1 Decemberफिल्म रिव्यू
रिव्यू : गर्व कीजिए सिनेमा और ‘सैम बहादुर’ पर
Featured In IMDb Critic Reviews दिसम्बर का महिना सिनेमाघरों के लिए ख़ास है। इस जाते हुए साल में कई फ़िल्में…
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Nov- 2023 -29 Novemberसाहित्य
समाज में विज्ञापन फैला रहे अश्लीलता
दिल्ली विश्वविद्यालय में एक दशक से भी लम्बे समय से अध्यापन कार्य कर रही डॉ. रक्षा गीता के द्वारा लिखी…
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21 Novemberसाहित्य
मीडिया की स्वतन्त्रता और जनतन्त्र
वर्तमान दौर टीवी और टीआरपी की दुनिया के लिए अंधी दौड़ के रूप में शामिल नजर आता। जहाँ एक ओर…
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11 Novemberफिल्म रिव्यू
रिव्यू – सिनेमा का खाली कनस्तर है ‘पिप्पा’
Featured In IMDb Critic Reviews 25 मार्च 1971 ऑपरेशन सर्च लाइट हुआ। जिसके बारे में सब जानते हैं। इस…
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4 Novemberफिल्म रिव्यू
ओल्ड रिव्यू – हाफ़ दोस्त से ज्यादा लेकिन ‘हाफ़ गर्लफ्रेंड’ से कम
Featured In IMDb Critic Reviews कुछ चीजें ऐसे टूटती है कि उनका दोबारा जुड़ना पॉसिबल नहीं होता सिर्फ दरारें रह…
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2 Novemberफिल्म रिव्यू
रिव्यू- बंद दरवाजों से उभरती ‘लकीरें’
Featured In IMDb Critic Reviews रुलाते हैं तो क्या हुआ बहलाते भी तो हम ही है। चुभते भी है…
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Oct- 2023 -31 Octoberसाहित्य
विज्ञापनों का सामाजिक संदर्भ- भाग दो
डॉ. रक्षा गीता के लिखे शोधपरक लेख “विज्ञापनों का सामाजिक संदर्भ – भाग एक” (भाग- एक को पढ़ने के…
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30 Octoberज्योतिषी
इस सृष्टि पर हमें दिवाली लानी है!
घर की सफाई पूरी हुई, नया सामान खरीद लिया, दीयों की चमक है। सबके चेहरों पर ख़ुशी है। हम सब…
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