‘सवाल अब भी मौजूद है’ अपने पहले कविता संग्रह से सहगल की जो सशक्त लेखकीय छवि बनी वह उन्हें क्रमोत्तर आरोहीक्रम में बढ़ाती चली गई। फिर चाहे ‘आदिम आग’

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